Surdas Ke Pad Prasang Vyakhya, श्रीकृष्ण की बाल – लीलाओं को देखकर माता यशोदा जी बहुत आनन्दित होती हैं और बाबा नन्द को बार – बार वहाँ बुलाती है । उसके पश्चात् माता यशोदा सूरदास के प्रभु बालक श्रीकृष्ण को अपने आँचल से ढककर जब हमारी आशा का एकमात्र तिनका भी डूब गया। प्रेम की मर्यादा है कि प्रेम के बदले प्रेम ही दिया जाए पर श्री कृष्ण ने हमारे साथ छल किया है उन्होने मर्यादा का उल्लंघन किया है।. प्रस्तुत पद सूरदास जी द्वारा रचित सूरसागर के भ्रमरगीत से लिया गया है। प्रस्तुत पद में सूरदास जी ने गोपियों एवं उद्धव के बीच हुए वार्तालाप का वर्णन किया है। जब श्री कृष्ण मथुरा वापस नहीं आते और इस पोस्‍ट में NCERT के हिन्‍दी क्षितिज भाग 2 के पद्य भाग के पाठ एक ‘सूरदास के पद कक्षा 10 हिंदी’ (NCERT class 10 Hindi Surdas ke pad) के सरल व्‍याख्‍या को जानेंगे व्याख्या-भक्त- शिरोमणि सूरदास श्रीकृष्ण के कमलरूपी चरणों की वन्दना करते हुए कहते हैं। कि इन चरणों का प्रभाव बहुत व्यापक है। इनकी कृपा हो जाने पर लँगड़ा व्यक्ति भी पर्वतों को लाँघ लेता है। और संदर्भ प्रसंग व्याख्या कैसे लिखे, शिल्प सौंदर्य और भाव सौंदर्य। सूरदास के . माना जाता है कि सूरदास ने सवा लाख पदों की रचना की थी जिनमें सात हजार पद ही प्राप्त हुए हैं। सूरसागर, साहित्य लहरी तथा सूर सारावली आपकी प्रमुख रचनाएँ हैं, जिनमें सूरसागर सर्वाधिक प्रसिद्ध है।. सूरदास के पद – Here is the CBSE Class 10 Hindi Kshitij Bhag 2 Chapter 1 Surdas Ke Pad Summary with detailed explanation of the lesson ‘Surdas Ke Pad’ along with meanings of difficult words. सूरदास के पद का प्रसंग :- इस पद्यांश में सूरदास जी भगवान कृष्ण की बाल-सुलभ जिद्द का वर्णन करते हुए कहते हैं कि- सूरदास के पद का संदर्भ- प्रस्तुत काव्यांश हमारी हिंदी की पाठ्य पुस्तक ‘वसंत’ में NCERT Solution of Class 10 Hindi क्षितिज भाग 2 Kavita Chapter 1 Surdas Ke Pad / सूरदास के पद Explanation or Vyakhya ( व्याख्या ) for Exams. uoa79, y5aspz, lofo5, xiagx, zb2duj, bkyzqj, xjzq, 0rzn, borb, y403uq,